दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और रांका को समन भेजा है. दोनों को आज ही पेश होने को कहा गया है.
नई दिल्ली: राजनीतिक और प्रदर्शनकारी गलियारों की प्रमुख हलचल बने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. हाल ही में जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाके में बिना अनुमति प्रदर्शन करने, शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन करने और सुरक्षा बलों के काम में बाधा डालने के आरोप में अब क्राइम ब्रांच ने समन भेजा है.
पुलिस ने दोनों को अपने बयान दर्ज कराने के लिए आज क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने का निर्देश दिया है. दोनों को आज राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में दोपहर 12 बजे उपस्थित होना होगा जहां उनसे मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे. इससे पहले, बुधवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बॉन्ड पर तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया था.
वहीं, मंगलवार को दिल्ली पुलिस ने क्राइम ब्रांच को मामला ट्रांसफर कर दिया था. इनके खिलाफ संसद मार्ग थाने में केस दर्ज किए थे. अब मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों मामलों की जांच अपने हाथ में ले ली है और जांच प्रक्रिया के तहत पूछताछ तेज़ कर दी है.
सौरव दास और आशुतोष रांका को कल ही मिली थी जमानत
अक्टूबर के मध्य में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित करने की कोशिश की थी. पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर पर बिना पूर्व अनुमति के अनधिकृत रूप से प्रवेश किया गया और बैरिकेड्स तोड़कर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश की गई. इस मामले में पुलिस ने सौरव दास, आशुतोष रांका समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था. स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. हालांकि, लगभग 7 दिनों की कस्टडी के बाद दोनों को बुधवार को अदालत से निजी मुचलके पर रिहाई की मंजूरी मिली. बुधवार रात दोनों तिहाड़ जेल से जमानत पर बाहर निकले.
सौरव- रांका की पहचान
कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में पहचान रखने वाले सौरव दास (उम्र 27 वर्ष) पूर्व में एक खोजी पत्रकार/शोधकर्ता रह चुके हैं. हाल के दिनों में वे सोशल मीडिया और ज़मीनी अभियानों के ज़रिए चुनाव आयोग व सरकार की नीतियों के खिलाफ तीखे बयानों को लेकर लगातार चर्चा में रहे हैं. जबकि आशुतोष रांका (उम्र 31 वर्ष) CJP के प्रमुख रणनीतिकारों और सक्रिय कार्यकर्ताओं में शामिल हैं. वे पार्टी के अभियानों, खासकर युवा आंदोलनों और विरोध-प्रदर्शनों के आयोजन में अग्रणी भूमिका निभाते आए हैं.
कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) हालिया महीनों में सुर्खियों में आई एक नई और आक्रामक राजनीतिक-सामाजिक पहल है, जिसकी शुरुआत अभिजीत दीपके और अन्य युवाओं ने की है. अपने अनोखे नाम और तीखे प्रदर्शनों के कारण इस संगठन ने सोशल मीडिया पर भारी ध्यान आकर्षित किया है. यह समूह मुख्य रूप से चुनावी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरता है. क्राइम ब्रांच अब इस बात की तफ्तीश में जुटी है कि प्रदर्शन के पीछे कोई बड़ी साजिश या प्रायोजित रणनीति तो नहीं थी. पुलिस के आधिकारिक समन और पूछताछ के बाद इस मामले में कई और नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
