देहरादून। उत्तराखंड संस्कृति,साहित्य एवं कला परिषद की उपाध्यक्ष एवं राज्य मंत्री मधु भट्ट ने कहा कि नारी शक्ति वंदन (संशोधन) अधिनियम का विरोध करने वाले राहुल गांधी को आज उत्तराखंड की जनता और प्रदेश की मातृशक्ति के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का विरोध करने वालों को नारी सम्मान और महिला अधिकारों पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

मधु भट्ट ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा महिलाओं को राजनीति में अधिक प्रतिनिधित्व देने और उन्हें सशक्त बनाने के उद्देश्य से नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू किया गया है, लेकिन इसका विरोध करने वाले अब महिला अधिकारों की बात कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

इस बीच, राहुल गांधी के प्रस्तावित देहरादून कार्यक्रम के विरोध में उत्तराखंड की मातृशक्ति ने प्रदर्शन कर महिलाओं के सम्मान और अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने नारी सशक्तिकरण और महिला सम्मान से जुड़े विभिन्न मुद्दों को उठाया।

विरोध प्रदर्शन में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्षा रुचि भट्ट, राज्य मंत्री विनोद उनियाल, अजबपुर मंडल की मंडल अध्यक्षा सुषमा कुकरेती सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही।

मधु भट्ट ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए भाजपा सरकार निरंतर कार्य कर रही है तथा महिला सशक्तिकरण के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
